Namaz Steps: नमाज़ के 10 चरणों के नाम सीखें

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Namaz ke 10 Step ke Naam
Namaz Steps

Namaz Steps: नमाज़ इस्लामी धर्म की मुख्य इबादत है, जिसे हर बालिग़ मुस्लिम को पढ़ना फ़र्ज़ है। नमाज़ को अदा करने के लिए, आपको नमाज़ चरणों (Namaz Steps) को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। 

यहां हम आपको नमाज़ के १० चरणों के नाम (Namaz ke 10 Step ke Naam) बता रहे हैं, ताकि आप इन्हें समझ सकें और अपनी नमाज़ को सही तरीके से अदा कर सकें।

नमाज़ (Salah) इस्लाम के पांच स्तंभों में से दूसरा स्तम्भ है, नमाज़ मुसलमानों के लिए उनकी जिंदगी का एक एहम हिस्सा होता है। 

हर उम्र के व्यक्ति के लिए दिनभर में पांच बार नमाज़ अदा करना फ़र्ज़ होता है। यह नमाज़ उन्हें अल्लाह ताला की इबादत करने का मौका देती है। 

अगर आप इस्लाम में नए हैं और अभी तक नमाज़ को अपनाया नहीं हैं। तो यह ब्लॉग पोस्ट नमाज़ स्टेप्स (Namaz Steps) को जानने में सहायक होगी, साथ ही नमाज़ के तरीके को समझने में मदद करेगी।

नमाज़ के 10 स्टेप के नाम (Namaz ke 10 Step ke Naam)

नमाज़ के स्टेप्स (Namaz Steps) को जानने से पहले नमाज़ के लिए तैयारी करना बहुत एहम है। सबसे पहले आप को वज़ू करना जरुरी होता है।  

10 Muslim Namaz ke 10 Step dikhate huye naam ke saath
10 Steps 

आपको नमाज़ पढ़ने के लिए साफ़ (पाक) कपडे, और अच्छे स्थान को चुनना जरुरी होता है। नमाज़ के लिए एक मुसल्ला या चटाई का इस्तेमाल करना होता है। चलिए नमाज़ के 10 स्टेप के नाम जानते हैं। 

Step 1. नियत

सबसे पहले, आपको यह निर्धारित करना होगा कि आप 5 वक़्त की नमाज़ की रकात में कौन सी नमाज़ पढ़ रहे हैं।  जैसे फर्ज़, सुन्नत, नफल, आदि। 

5 वक़्त नमाज़ की नियत का तरीका एक दूसरी नमाज़ से अलग अलग होता है। हर नमाज़ में उस नमाज़ का वक़्त और रकअत फर्ज़, सुन्नत या नफल का विशेष ध्यान दिया जाता है। 

Step 2: तकबीर

नमाज़ की नियत दिल में इरादा करने के बाद दोनों हाथों को कानो तक ले जाकर यह तकबीर कहना होता है और दोनों हाथों को सीने के पास रखकर नियत बाँध लिया जाता है।  
  • अल्लाहु अकबर 
इस तकबीर को एक बार कहकर नमाज़ की शुरुआत करें। नमाज़ के इस स्टेप (Namaz Steps) को तकबीर कहना कहा जाता है। जिसे हर नमाज़ में करना जरुरी होता है। 

Step 3. क़ियाम 

नमाज़ के इस स्टेप को किया कहा जाता है क़ियाम का मतलब है कि सीधे खड़े होना। तकबीर के बाद क़ियाम के दौरान हर नमाज़ की पहली रकात में सबसे पहले यह पढ़ा जाता है।
  • अऊज़ु-बिल्लाह
  • बिस्मिल्लाह
  • सूरह फातिहा 
  • क़ुरान की कोई सूरह या आयत 

Step 4. रुकू

चौथे नमाज़ स्टेप्स (Namaz Steps) में रुकू किया जाता है। रुकू करने से मतलब है की क़ियाम से अल्लाह हु अकबर कहते हुए रुकू करना और रुकू के दौरान इस तस्बीह को पढ़ा जाता है। 
  • सुब्हान रब्बीयल अज़ीम (कम से कम तीन बार)

Step 5. सजदा

पांचवे नमाज़ स्टेपस (Namaz Steps) में सजदा करना होता है। इस स्टेप को रुकू से "समीअल्लाहु लिमन हमीदह" कहते हुए खड़े होना और फिर एक बार रब्बना लकल हम्द कहना होता है।  

उसके बाद फ़ौरन अल्लाहु अकबर" कहते हुए सीधे सजदा करना। सजदे में इस तस्बीह को पढ़ा जाता है। इसके बगैर नमाज़ नहीं होती है। 
  • सुभान रब्बियल आला (कम से कम तीन बार पढ़ें)

Step 6. क़ायदा (बैठना)

इस नमाज़ के स्टेप में अल्लाहु अकबर कहते हुए सजदे से उठकर बैठ जाएं और फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए दूसरा सजदे करें। 

Step 7. दूसरा सजदा 

हर नमाज़ का यह सातवां स्टेप है जिसे सजदा कहा जाता है। दूसरा सजदा भी पहले सजदे की तरह करना और तक्बीर पढ़ना होता है। 
  • सुभान रब्बियल आला (दूसरे सजदे में भी कम से कम तीन बार पढ़ें)

Step 8. क़ायदा (तशह्हुद)

क़ायदा (बैठना) नमाज़ का एक ख़ास स्टेप है जो रुकू और सजदे के बीच में किया जाता है। यह बैठने की स्थिति तशह्हुद कहलाती है।

क़ायदा करने का तरीका

1. बाएं पैर को मोड़कर रखना: कायदे में अपने बाएं पैर को मोड़कर, उसकी तलवे को ज़मीन पर रखें और उसके पैर की उंगलियों को अपने दाहिने पैर की तरफ रखें।

2. दोनों हाथों को जांघों पर रखना: अपनी दोनों हथेलियों को अपनी जांघों पर रखें, अपनी उंगलियों को फैलाकर और अंगूठे को एक दूसरे के करीब रखना होता है। और उसके बाद यह पढ़ा जाता है। 

Step 9: सलाम

तशाहुद पढ़ने के बाद सलाम पढ़कर नमाज़ पूरी करें। सलाम फेरने का मतलब है की पहले अपने दाहिनी तरफ और फिर बाईं तरफ यह पढ़ते हुए सलाम फेरें। 
  • अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाहि (एक बार दाहिनी एक बार बाईं तरफ)
आदमियों को क़ायदा में बैठते समय अपने घुटनों को थोड़ा अलग रखना चाहिए, जबकि औरतों को अपने घुटनों को मिलाकर रखना चाहिए।

क़ायदा में अपनी पीठ को सीधा रखें और अपनी नज़र अपने सामने सजदे की जगह पर रखें। क़ायदा में धीरे-धीरे और शांति से बैठें और उठें।

Step 10. दुआ

नमाज़ में दुआ का कोई एक निश्चित क्रम नहीं होता है। आप अपनी पसंद की कोई भी दुआ पढ़ सकते हैं। लेकिन कुछ दुआएं ऐसी हैं जो नमाज़ के कुछ खास हिस्सों में पढ़ना मुस्तहब (अच्छा) माना जाता है। 

नमाज़ में दुआ करने का सही तरीका जानने के लिए, आपको किसी विश्वसनीय इस्लामिक मौलाना, मुफ्ती से सलाह लेनी चाहिए। यह थे नमाज़ के 10 स्टेप के नाम (Namaz ke 10 Step ke Naam). 

नमाज़ में रुकन 

नमाज़ में 5 रुकन होते हैं जिनके बिना नमाज़ पूरी नहीं होती। इन रुकनों के अलावा, नमाज़ में कुछ अन्य फर्ज़ और सुन्नतें भी शामिल हैं। 

नमाज़ के 5 रुकन

  1. नियत: नमाज़ शुरू करने से पहले दिल में यह इरादा करना ज़रूरी है कि आप किस नमाज़ के लिए खड़े हो रहे हैं।
  2. तकबीर-ए-तहरीमा: "अल्लाहु अकबर" कहकर नमाज़ शुरू करना।
  3. क़याम: सीधे खड़े होकर, सिर से पैर तक पूरे शरीर को सीधा रखना।
  4. रुकू: कमर से झुककर दोनों हाथों को घुटनों पर रखना और "सुब्हाना रब्बी अल-आला" कहना।
  5. सजदा: माथे, नाक, दोनों हाथों, घुटनों और पैरों के अंगूठों को ज़मीन पर रखकर सजदा करना।

नमाज़ के फर्ज़

  1. रकाअतें: हर नमाज़ में एक निश्चित संख्या में रकाअतें होती हैं, जिन्हें अदा करना फर्ज़ है।
  2. किराअत: रुकू और सजदे में कुरआन की तिलावत करना फर्ज़ है।
  3. तस्बीह: रुकू और सजदे में तस्बीह कहना फर्ज़ है।
  4. दुआ: नमाज़ के आखिर में दुआ करना फर्ज़ है।

नमाज़ में क्या करना चाहिए?

  1. वुज़ू: नमाज़ से पहले वुज़ू करना।
  2. अज़ान: नमाज़ के लिए अज़ान देना।
  3. इकाम: नमाज़ शुरू होने से पहले इकाम करना।
  4. क़िबला की तरफ़ रुख करना: नमाज़ क़िबला की तरफ़ रुख करके पढ़ना है।
  5. हाथों को उठाकर दुआ करना: नमाज़ के दौरान हाथों को उठाकर दुआ करना।
  6. सलाम फेरना: नमाज़ खत्म करने के बाद सलाम फेरना।

नमाज स्टेप्स के प्रश्नोत्तर 

प्रश्नोत्तर:

नमाज के कितने नाम हैं?

नमाज़ के पांच नाम हैं, जो इस प्रकार हैं। 
  1. फज्र नमाज़ 
  2. ज़ोहर नमाज़ 
  3. असर नमाज़ 
  4. मगरिब नमाज़ 
  5. ईशा नमाज़ 
नमाज़ के प्रकार:
  • फ़र्ज़ नमाज़: ये वे पांच अनिवार्य नमाज़ें हैं जो हर मुसलमान पर दिन में पांच बार अदा करना फ़र्ज़ है।
  • सुन्नत नमाज़: ये वे नमाज़ें हैं जो फ़र्ज़ नमाज़ों के अलावा पढ़ी जाती हैं।
  • नफ़ल नमाज़: ये नमाज़ें जिन्हें किसी भी समय पढ़ा जा सकता है।
  • तरावीह: ये विशेष नमाज़ें हैं जो रमज़ान के महीने में ईशा नमाज़ के वक़्त रात में पढ़ी जाती हैं।
  • ईद-उल-फ़ितर की नमाज़: यह ईद-उल-फ़ितर के त्योहार के अवसर पर मनाई जाने वाली विशेष नमाज़ है।
  • ईद-उल-अज़्हा की नमाज़: यह ईद-उल-अज़्हा के त्योहार के अवसर पर मनाई जाने वाली नमाज़ है।

सजदे में जाते हैं तो क्या पढ़ते हैं?

सजदे में जाते हैं तो कम से कम तीन बार "सुबहान रब्बियल आला" पढ़तें हैं। 

पांच वक्त की नमाज के नाम क्या क्या है?

पांच वक्त की नमाज जिनके नाम इस प्रकार हैं:

1. फज्र: यह सुबह तड़के की नमाज़ है जो सूरज निकलने से पहले पढ़ी जाती है। इसमें कुल 4 रकात होती हैं।
  • 2 रकात सुन्नत 
  • 2 रकात फ़र्ज़ 
2. ज़ुहर: यह दोपहर की नमाज़ है जो ज़वाल के बाद पढ़ी जाती है। इसमें 12 रकात होती हैं।
  • 4 रकात सुन्नत 
  • 4 रकात फ़र्ज़ 
  • 2 रकात सुन्नत 
  • 2 रकात नफिल 
3. अस्र: यह शाम की नमाज़ है, जो सूर्य ढलने से पहले पढ़ी जाती है। इसमें 8 रकात होती हैं।
  • 4 रकात सुन्नत 
  • 4 रकात फ़र्ज़ 
4. मगरिब: यह सूर्यास्त के बाद पढ़ी जाने वाली नमाज़ है। इसमें 7 रकात होती हैं।
  • 3 रकात फ़र्ज़ 
  • 2 रकात सुन्नत 
  • 2 रकात नफिल 
5. ईशा: यह रात की नमाज़ है जो मगरिब के बाद और सोने से पहले पढ़ी जाती है। इसमें 17 रकात होती हैं।
  • 4 रकात सुन्नत 
  • 4 रकात फ़र्ज़ 
  • 2 रकात सुन्नत 
  • 2 रकात नफिल 
  • 3 रकात वित्र 
  • 2 रकात नफिल 

नमाज पढ़ने वाले कपड़े को क्या कहते हैं?

नमाज पढ़ने के लिए पहने जाने वाले कपड़ों को नमाज़ का लिबास या नमाज़ी पोशाक कहा जाता है।

मर्दों के लिए:
  • तोप या सतवन: यह एक ढीला-ढाला कुर्ता या लबादा होता है जो घुटनों तक आता है।
  • नमाज़ की टोपी: इसे टोपी, कुफी, या इमामा भी कहा जाता है।
  • नमाज़ का पायजामा: यह ढीला-ढाला पायजामा होता है जो टखनों तक आता है।
औरतों के लिए:
  • अबाया: यह एक लंबा, ढीला-ढाला वस्त्र होता है जो सिर से लेकर पैरों तक ढकता है।
  • स्कार्फ: यह सिर और गर्दन को ढकने के लिए पहना जाता है।
  • पायजामा: यह ढीला-ढाला पायजामा होता है जो टखनों तक आता है।
सलात के लिबास के लिए कुछ ज़रूरी बातें:
  • कपड़े साफ और सुथरे होने चाहिए।
  • कपड़े ढीले-ढाले और आरामदायक होने चाहिए ताकि नमाज़ को आसानी से पढ़ा जा सके।
  • कपड़े पारदर्शी नहीं होने चाहिए।
  • मर्दों के लिए, सलात का सतवन नाभि से नीचे तक ढकना चाहिए।
  • औरतों के लिए अबाया पूरे शरीर को ढकना चाहिए और स्कार्फ सिर गर्दन और सीने को ढकना चाहिए।
  • कपड़े ऐसे होने चाहिए जो दिखावटी न हों।

निष्कर्ष 

इस ब्लॉग पोस्ट में हमने नमाज़ के 10 चरणों के नाम (Namaz ke 10 Step ke Naam) बताए और सही तरीके से नमाज़ कैसे अदा करें, इसके बारे में जानकारी दी है। 

आपको नमाज़ (Salah) की महत्वपूर्ण चरणों (Steps) को समझने में मदद मिली होगी और अपनी इबादत को सही ढंग से अदा करने के लिए तैयार हों। 

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आप के तआवुन के लिए शुक्रिया !

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