तहज्जुद की नामाज़ का समय: Namaz Tahajjud Time

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इस लेख में हम तहज्जुद की नामाज़ का समय जानेंगे। हर मुस्लिम को दिन में 5 टाइम की नमाज़ पढ़ना फ़र्ज़ होता है। तहज्जुद की नमाज इन पांच नमाज़ों से अलग होती है। 

भारत में तहज्जुद नमाज़ का समय रात 08:50 PM से 04:25 AM तक होता है। यह हर जगह ईशा की नमाज़ के बाद से शुरू होकर फज्र की अज़ान से पहले तक होता है। 

तहज्जुद नमाज के समय की महत्ता और तहज्जुद की नमाज़ पढ़ने के तरीके पर हम नमाज़ तहज्जुद टाइम (Namaz Tahajjud Time) के इसी लेख में विस्तार से चर्चा करेंगे।

Table: Namaz Tahajjud Time
Namaz Tahajjud Time

नमाज़ तहज्जुद समय - (Namaz Tahajjud Time)

तहज्जुद की नमाज़ इस्लाम में एक एहम इबादत है, जो रात में अदा की जाती है। तहज्जुद की नमाज़ का समय (Tahajjud ki Namaz ka Time) ईशा की नमाज़ के बाद से फज्र की नमाज़ के शुरू होने से पहले तक होता है।

नमाज़ तहज्जुद (Namaz Tahajjud) का वक्त ईशा की नमाज़ के पढ़ने के बाद सो कर उठने से शुरू हो जाता है। यानि की एक छोटी बड़ी नींद के बाद से होता है।

लेकिन कुछ लोग का मानना है कि तहज्जुद की नमाज़ का वक्त रात में नए दिन की शुरुआत से होता है। ऐसा नहीं है बल्कि तहज्जुद की नमाज़ ईशा की नमाज़ ख़तम हो जाएजाने पर होता है। 

सबसे बेहतर तहज्जुद नमाज़ रात का आखिरी हिस्सा होता है। मुसलमानों का मानना है कि इस समय में की गई दुआएं और इबादतें अल्लाह के ज़्यादा करीब होती हैं।

Tahajjud ki Namaz ka Time in India - (इंडिया में तहज्जुद की नमाज़ का टाइम)

तहज्जुद नमाज़ का टाइम इंडिया में या और किसी भी मुल्क में रोजन की पांच नमाज़ों की तरह कोई एक ख़ास वक़्त पर नहीं पढ़ी जाती। 

बल्कि ईशा की नमाज़ पढ़ने के बाद (after midnight) से लेकर फज्र नमाज़ के पहले तक किसी भी वक़्त (Time) सो कर उठने के बाद तहज्जुद नमाज़ पढ़ी जा सकती है।  

तहज्जुद की नमाज़ कितनी रकात है? - (Tahajjud ki Namaz ki Rakat)

तहज्जुद नमाज़ (Tahajjud namaz) में कम से कम 2 रकात होते हैं, और ज़्यादा से ज़्यादा 12 रकात भी पढ़ सकते हैं। हर रकात में सूरह फातिहा के बाद कोई कुरान की कोई सूरह पढ़ें।

हर दो रकात के बाद सलाम फेरें और फिर उठकर नई नियत से दूसरी दो रकात पढ़ें। आख़री रकात में तशहुद और दुरूद-ए-इब्राहीमी के बाद दुआ करें।

तहज्जुद की नमाज़ की नियत कैसे बांधे - (Tahajjud Namaz Ki Niyat)

तहज्जुद नमाज़ (Tahajjud namaz) एक सुन्नत नमाज़ है जो रात के आखिरी हिस्से में पढ़ी जाती है। तहज्जुद नमाज़ की नियत इस तरह से की जाती है। तहज्जुद नमाज़ की नियत दिल में करें। 
नियत करता/करती हूँ मैं दो रकात नमाज़ तहज्जुद की, वास्ते अल्लाह के लिए मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ़। अल्लाहु अकबर कह कर तकबीर ए तेहरीमा अदा करें और नमाज़ शुरू करें। 
तहज्जुद नमाज़ पढ़ने का तरीका है की हर रकात में सूरह फातिहा के बाद कोई भी सूरह या आयत पढ़ सकते हैं।

तहज्जुद नमाज़ का तरीका - (Tahajjud Namaz Ka Tarika)

तहज्जुद की नमाज़ पढ़ने का तरीका भी वही होता है, जो 2 रकात नमाज़ का तरीका (2 rakat namaz ka tarika) होता है।

हर नमाज़ में फ़र्क़ सिर्फ इतना है, की 5 वक़्त नमाज़ की रकात अदा करने से पहले 5 वक़्त नमाज़ की नियत में फ़र्क़ होता है। चलिए तहज्जुद नमाज़ की पहली रकअत जानते हैं। 

तहज्जुद नमाज़ की पहली रकात

Tahajjud Namaz ki Pehli Rakat ke Steps
Tahajjud Namaz Steps

1. नियत (Niyat): सबसे पहले तहज्जुद नमाज़ की निय्यत में अल्लाह के लिए पूरी तरह से नमाज़ अदा करने का सच्चा इरादा करें, कि आप यह नमाज़ तहज्जुद नमाज़ अदा करने का इरादा रखते हैं। 

और दो रकात की संख्या की निय्यत करें।  इस मुद्रा को क़ियाम कहा जाता है। जो नमाज़ पढ़ने का इरादा करने के बाद ग्रहण किया जाता है।

दोनों हाथों को कानों तक ऊपर उठाते हुए (हथेलियाँ क़िबला की ओर) अल्लाह हु अकबर (Allahu Akbar) कहना होता है। और दोनों हाथों से नियत बांधना होता है। 

2: सना (Sana): सुभानाका अल्लाह हुम्मा वा बिहमदिका, वा तबरका इस्मुका, वा ताआलाजद्दुका, वा ला इलाहा गैरुक। 
  1. तावुज़ू पढ़ें। 
  2. तस्मिया पढ़ें। 
  3. सूरह फातिहा पढ़ें। 
उसके बाद नमाज़ में पढ़ने वाली सूरह यानि नमाज़ की सूरह, जैसे कुल हु अल्लाहु अहद या कर कोई भी छोटी इन १० सूरह में जो याद हों। 

3: रुकू (Ruku): तीसरे नंबर पर रुकू करना इस स्थिति को रुकू कहा जाता है चित्र में दिखाए अनुसार रुकू किया जाता है। और रुकु में कम से कम तीन बार सुभान रब्बियल अज़ीम कहा जाता है। 

4: क़ियाम (Qiyam): Qiyam (क़ियाम) की स्थिति में वापस जाते समय यह दुआ पढ़ी जाती है, जैसा कि नीचे दी गई है। क़ियाम में यह दुआ सिर्फ एक बार पढ़ते हुए क़ियाम करें।
  • समीअल्लाहु लिमन हमीदह - एक बार कहें 
5: सजदा (Sajda): इस स्थिति को सजदा कहा जाता है। "अल्लाह उ अकबर" कहते हुए सजदे में जाना होता है। और फिर सजदे में यह कलमा कम से कम तीन बार पढ़ा जाता है। 
  • सुभान रबियल आला - 3, 5 या 7 बार 
6: जलसा (Jalsa): इस स्टेप में "अल्लाह उ अकबर" कहते हुए सजदे उठना और जलसा में बैठना होता है। एक सजदा पूरा करने के बाद पहले सजदे की तरह दूसरा सजदा भी करना होता है।

इस तरह से तहज्जुद की दो रकअत नमाज़ (Tahajjud ki 2 Rakat Namaz) की पहली रकअत मुकम्मल हो जाती है। पहली रकात की तरह दूसरी रकात नमाज़ पढ़ी जाती है। 

तहज्जुद नमाज़ की दूसरी रकात

दूसरी रकात नमाज़ भी पहली रकात की तरह होती है, जिसमें में हम दूसरे सजदे के बाद से जलसा में बैठे रहना होता है। जिनका पढ़ने का तरीका इस तरह से है। 

Tahajud Namaz Duri Rakat ke Steps
Tahajjud Namaz Dusri Rakat Steps

1. तशह्हुद (Tashahhud): तशह्हुद (Tashahhud) का मतलब है, अत्तहिय्यत पढ़ना उसके बाद दरूद शरीफ और आखिर में दुआ ए मासुरा (Dua e Masura) पढ़कर सलाम फेरना होता है। 

2. दरूद शरीफ (Darood Shareef): तशह्हुद के बाद दरूद शरीफ पढ़ना होता है, दरूद शरीफ "अल्लाहुम्मा सल्ले से लेकर हमिदुमजीद तक पढ़ना होता है।  

3: दुआ ए मासुरा (Dua e Masura): दुआ ए मासुरा भी तशह्हुद और दरूद शरीफ की तरह जलसा में बैठकर पढ़ना होता है। दुआ ए मासुरा पढ़ने के बाद सलाम फेर कर दो रकअत नमाज़ तहज्जुद की पूरी होती है। 

तहज्जुद की नमाज़ की दुआ - (Tahajjud ki Namaz ki Dua)

जब हम तहज्जुद नमाज़ पूरी कर लें तो हमको चाहिए की तहज्जुद नमाज़ की दुआ पढ़ें। नमाज़ तहज्जुद के टाइम की दुआ इस प्रकार है। 
  • अल्लाहुम्म लकल हम्दु अन्ता नूरुस् समावाति वलअर्जि 
  • व मन फीहिन्न व लकल हम्दु अन्ता कयिमुस् समावाति वलअर्जि 
  • व मन फीहिन्न अन्तल हक्कु व अदुकल हक्कु 
  • व लिकाउकल हक्कु वल जन्नतु हक्कुन वन्नारू हक, 
  • नबियु क मुहम्मदुन हक्कुन वस्सा अतुहक, 
  • अल्लाहुम्म लका असलमतु 
  • व बि क आमन्तु 
  • व अलैक तवक्कल्तु 
  • व इलै क अनब्तु 
  • व बि क खासम्तु 
  • व इलै क हाकम्तु कगफिरली मा कद दम्तु 
  • व मा अख्खरतु 
  • व अ स् ररतु 
  • व अन्त इलाही ला इलाह इल्ला अन्ता। 

प्रश्नोत्तर

1. तहज्जुद कितने बजे पढ़ी जाती है?

तहज्जुद नमाज़ रात के अंतिम तिहाई या आधे हिस्से में सो का उठने पर पढ़ी जाती है। इस नमाज़ को सुन्नत नमाज़ के रूप में माना जाता है। 

2. तहज्जुद की प्रार्थना कैसे करें?

सबसे पहले, नियत करें कि आप तहज्जुद नमाज़ पढ़ने के लिए उठेंगे। रात में फज्र की नमाज़ से पहले उठें। और ध्यान के साथ, दो दो रकातों की नमाज़ पढ़ें।

3. तहज्जुद का सही वक्त क्या है?

तहज्जुद का सही वक्त रात के अंतिम तिहाई या आधी रात में होता है। जब लोग आमतौर पर सो रहे होते हैं। तहज्जुद की प्रार्थना को इस समय में पढ़ना सुन्नत माना जाता है। 

3. मक्का में तहज्जुद की नमाज कितने बजे है?

मक्का में तहज्जुद की नमाज सामान्यतः रात के अंतिम तिहाई या आधे में होता है। इसलिए, यहाँ भी तहज्जुद की नमाज वही समय पढ़ी जाती है।

निष्कर्ष

नमाज तहज्जुद टाइम (Namaz Tahajjud Time) के इस लेख में हमने जाना कि तहज्जुद नमाज का समय रात के अंतिम तिहाई या आधे में होता है। 

इस नमाज (Namaz) को रात की ख़ामुशी में पढ़ने से मन, दिल और आत्मा में शांति और आत्म-संयम की अनुभूति होती है। 

तहज्जुद नमाज (Tahajjud Namaz) पढ़ने से हमारे आत्मशक्ति में वृद्धि होती है। इसके अलावा, यहज्जुद की नमाज़ पढ़ने से हमारे ध्यान की शक्ति में सुधार होता है। 

इस प्रकार, तहज्जुद नमाज का समय (Tahajjud Namaz Ka Time) न केवल धार्मिकता को बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति की मानवीय और आध्यात्मिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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